21वीं सदी में वैश्विक अर्थव्यवस्था को ज्ञान आधारित बनाने के संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सबसे बड़ी तकनीकी प्रगति माना जा रहा है।
इसी प्रगति को ध्यान में रखते हुए मगध विश्वविद्यालय बोधगया ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता [ Artificial Intelligence : MAGADH UNIVERSITY] में सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव संबंद समिति में रखा है। यह प्रस्ताव आई आई टी पटना की कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा तैयार डी पी आर के अनुमोदन के बाद लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय में अत्यधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शोध और अंतर विषय सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि भविष्य में नौकरियों के लिए युवा सक्षम बना सके।

किस-किस विषय से डिग्री होने की संभावना
कार्यक्रम अंतर्गत सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर डिप्लोमा बीएससी एमएससी जैसे कोर्स शुरू किए जाएंगे जिससे छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसपी शाही ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है यह कदम युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और राज्य के समग्र विकास को गति देने में मिल की का पत्थर साबित होगा।